पिंटू कुमार
सन् 1989 में राजस्थान राज्य के गंगापुर सिटी जिले की टोजाभीम तहसील के शेखपुरा गाँव में जन्मे पिंटू कुमार आदिवासी भाषा, साहित्य, संस्कृति, समाज और कला के गंभीर अध्येता हैं और हिंदी, उर्दू, गुजराती, संस्कृत, अंग्रेजी एवं रूसी भाषा पर उनकी गहरी पकड़ है।
हिंदी साहित्य व अंग्रेजी साहित्य में एम.ए. हैं। हिंदी साहित्य में एम.फिल. एवं पीएच.डी. (हिंदी) की उपाधियां प्राप्त हैं। अनुवाद तथा पत्रकारिता एवं जन-संचार में स्नातकोत्तर डिप्लोमा तथा संस्कृत, उर्दू, अंग्रेजी एवं रूसी भाषा में सर्टिफिकेट कोर्स कर चुके हैं।
एम.ए. (हिंदी) और पीएच-डी. (हिंदी) में उत्कृष्ट शोध कार्य के लिए स्वर्ण पदक प्राप्त कर चुके हैं। विशिष्ट साहित्यिक और सांस्कृतिक लेखन के लिए ‘साहित्य भूषण’ से सम्मानित हैं।
सन् 2013 में अलख प्रकाशन, जयपुर से ‘मानगढ़ आंदोलन केन्द्रित हिंदी साहित्य’ पुस्तक प्रकाशित है। ‘परिवर्तन’ पत्रिका के 19वे अंक के अतिथि संपादन और ‘राजभाषा दमणगंगा’ के संपादक के रूप में कार्य कर चुके हैं। ‘राजभाषा भारती’, ‘संस्कृति’, ‘परिवर्तन’, ‘राजभाषा दमणगंगा’, ‘साहित्य सेतु’, ‘अरावली उद्घोष’, ‘निरुप्रह’, ‘युद्धरत आम आदमी’, ‘संकल्य’, ‘साहित्यमाला’ व ‘भाषिकी’ आदि पत्र-पत्रिकाओं तथा संपादित पुस्तकों में आपका रचनात्मक व आलोचनात्मक लेखन प्रकाशित होता रहा है।
सम्प्रति : संघ प्रदेश दानह तथा दमण एवं दीव प्रशासन में अनुवाद अधिकारी। वर्तमान में संघ प्रदेशों के लिए गठित 5वे वित्त आयोग, गृह मंत्रालय में निजी सचिव के रूप में कार्यरत।
संपर्क : pintuhcu@gmail.com

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