15 अगस्त 1954 में उत्तरप्रदेश, उन्नाव के रामपुर(खरही) गाँव में मुंशी राजकिशोर विशारद के यहाँ जन्म। कानपुर विश्वविद्यालय से बी ए, बी एड तथा नागपुर विद्यापीठ से एम ए, पी-एच डी। ‘नया खून’ के अकोला संस्करण का संपादन। गत तीन दशकों से काव्य शास्त्र और भाषा विज्ञान का अध्यापन। साहित्यिक जीवन का आरंभ कविता से। गीत संग्रह, लोक कथाएँ और कहानी साहित्य के साथ-साथ अनुवाद में महत्वपूर्ण लेखन।
प्रमुख कृतियाँ :
सूप भर रोशनी,लहरों के विरुद्ध, नई सुबह सिरहाने पर, सड़क पर साँड़, रुकूँ क्यों पथ कर चुकाने,हम उजाले जोड़ते हैं,अपनी मुट्ठी में अंबर भर, उन्हें गीत दो, चील चूल्हा ले उड़ी,नवग्रहों की कक्षा में, नक्षत्र मंडल, बिन्दु से केंद्र बिन्दु तक, भारतीय एवं पाश्चात्य काव्यशास्त्र, बादल राग, ब्रजलाल बियाणी स्मृति ग्रंथ,प्रतीक (विदर्भ स्तरीय काव्य-संग्रह), स्वतंत्र्योत्तर हिन्दी कविता: दशा और दिशा, हिन्दी भाषा संरचना और भाषा विज्ञान।
विशेष :
१. विश्वविद्यालयों में साहित्य पर लघु शोध प्रबंध व शोध प्रबंध स्वीकृत
२. ‘बादल राग’ एकार्थ काव्य मराठी में अनूदित।
सम्मान/पुरस्कार :
सूप भर रोशनी के लिए महाराष्ट्र राज्य हिन्दी साहित्य अकादमी का संत नामदेव पुरस्कार, लहरों के विरुद्ध के लिए उज्जैन का शब्द प्रवाह सम्मान,समग्र साहित्य के लिए महाराष्ट्र राज्य हिन्दी साहित्य अकादमी का राज्यस्तरीय अनंत गोपाल शेवड़े पुरस्कार,समालोचना क्षेत्र में योगदान हेतु बैसवारा शोध संस्थान का डॉ रामविलास शर्मा समालोचक सम्मान,महाराष्ट्र शासन का राज्यस्तरीय आदर्श शिशक पुरस्कार सहित अनेक सम्मान.
संपर्क-10 ब ड्यूपलेक्स, वर्धमान सोसायटी, राजपूतपुरा, कोला-444001(महा)मो-9422861524
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