अरुण कुमार त्रिपाठी
पत्रकार, लेखक और शिक्षक हैं। उन्होंने जनसत्ता, इंडियन एक्सप्रेस और हिंदुस्तान में ढाई दशक तक पत्रकारिता की। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय वर्धा और माखनलाल चतुर्वेदी संचार विश्वविद्यालय भोपाल में प्रोफेसर एडजंक्ट के तौर पर सेवाएं दीं। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में एकेडमिक फेलो रहे। आईटीएम विश्वविद्यालय ग्वालियर में डेढ़ वर्षों तक प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस रहे। देश के सभी प्रमुख हिन्दी पत्रों में स्तंभ लेखन करते हैं। कई पुस्तकों का लेखन और संपादन किया है। फिलहाल वे औपनिवेशीकरण की परियोजना पर काम कर रहे हैं।
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Anthology / Sanchayan / Essays / Compilation, Discourse / Vimarsh, History / Political Science / Constitution / Movement, Paperback
Chandra Shekhar — Aadmi, Aandolan aur Rajneeti
₹350.00चंद्रशेखर जी के आर्थिक चिंतन को समझने के लिए 1990–91 के अभूतपूर्व आर्थिक संकट को याद करना आवश्यक है। जब उन्होंने प्रधानमंत्री का दायित्व संभाला, तब देश गंभीर भुगतान-संतुलन संकट…
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