ओंकारनाथ पंचालर

ओंकारनाथ पंचालर जब तक बेरोज़गार रहे, वे रूसी साहित्य को अँग्रेज़ी से हिन्दी में उल्था करते रहे। लेकिन 1956 में जब उन्हें बिहार के राँची शहर में हैवी इंजीनियरिंग कारपोरेशन में जनसम्पर्क अधिकारी की नौकरी मिल गई तो उन्होंने अनुवाद करना बन्द कर दिया। सितम्बर 1967 से वे बोकारो इस्पात कारख़ाने में जनसम्पर्क अधिकारी के पद पर काम करने लगे। पिछली सदी के अन्तिम दशक में राँची में उनका देहान्त हुआ। ओंकारनाथ पंचालर ने दसतायेव्स्की के उपन्यास दरिद्र नारायण के अलावा अलिकसान्दर फ़देयेफ़ के महाउपन्यास तरुण गार्ड के दो खण्डों का भी अनुवाद किया है।

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